रामराज्य में NON हिंदू

मैं गुरुद्वारा गया हूँ, मस्जिद में गया हूँ, चर्च में गया हूँ, बौद्ध स्थल गया हूँ। कहीं भी यह बोर्ड नहीं मिला जिसपर लिखा हो :
      “फलाना धर्म के लोग यहां allowed नहीं हैं, या केवल उसी धर्म के लोग यहां आ सकते हैं”

और अपने विराट सनातन धर्म के योद्धा एक मुस्लिम बच्चे को इसलिए मारते हैं कि वो मंदिर के अंदर पानी पीने गया था।

देहरादून के 150 से ज्यादा मंदिरों में योगी की हिन्दू युवा वाहिनी सेना यह बोर्ड लगा रही है कि यहां NON हिन्दू नहीं आ सकते।

यही भारत वर्ष है जो वसुधैव कुटुंबकम की बात करता है। क्या इस नरेंद्र मोदी के और योगि के रामराज्य में किसी दूसरे धर्म के लोग हिन्दू मंदिरों में नहीं आ सकते, क्या छठ घाट पर दूसरे धर्म की माँ अपने बेटे या बेटी के लिए गुहार नहीं लगा सकती?

क्या ऐसा है हमारे सपनों का रामराज्य?सोचिये, ये कैसे भारत बनाना चाहते हैं!

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