तुम मेरे पास होती तो ये खास होता. गर तुम उदास होती तो मैं उदास होता. न तुम तन्हा सहती,न मैं तन्हा रहता. न तुम कविता पढ़ती,न मैं कविता गढ़ता. ------------- अरुण भारती 'चिंतित'
मैं तीख़े सवाल करता हूँ!
तुम मेरे पास होती तो ये खास होता. गर तुम उदास होती तो मैं उदास होता. न तुम तन्हा सहती,न मैं तन्हा रहता. न तुम कविता पढ़ती,न मैं कविता गढ़ता. ------------- अरुण भारती 'चिंतित'
Thanks Ruchi and Gautam !
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न तुम कविता पढ़ती,न मैं कविता गढ़ता.
kafi achhi line hai bhartiji . keep it up! 🙂
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hmmmm kya khoob kaha hai sir …….bahut achhe
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