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मैं तीख़े सवाल करता हूँ!

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गिद्धों का ज़मीर
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हाथों में कैमरा लेकर,
जुबान पर जमीर लेकर,
समाज के खेवनहार,
उम्मीद का दीया जलाते थे।
आज तड़के, दिनदहाड़े,
सैकड़ो कैमरे के साथ,
एक लड़की को नोचते,
गिद्धों का झुंड देखा ।
गिद्ध, कभी विलुप्त नहीं होते,
वो, अपना आकार प्रकार बदलते हैं।
मैंने देखा है उन्हें,
कभी सफेद कुर्ता पायजामा,
कभी खाकी वर्दी और बन्दूक,
कभी हाथों में हथौड़ा और सामने कठघरा,
या स्टूडियो, सड़क पर कैमरे के साथ,
गिद्ध जिंदा रहते हैं।
बस लाशें बदलती हैं!

#Ashram Series on MXPlayer
आश्रम सीरीज में बॉबी देओल काशीपुर वाले बाबा के टाइटल रोल में हैं। बॉबी देओल ने जबरदस्त आकर्षण शक्ति वाला रोल किया है।
उनका साथ दिया है, चंदन सान्याल ने, भोपा का रोल करके। चंदन सान्याल इतने जबरदस्त कलाकार हैं कि वो उस पंक्ति में बैठने लायक हैं जहाँ मनोज वाजपेयी, पंकज त्रिपाठी और नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी जैसे लोग हैं। काश! ये गैंग्स ऑफ वासेपुर में होते। मजा आ जाता।
साथ के सभी कलाकारों ने जबरदस्त अभिनय किया है। त्रिधा चौधरी, दर्शन कुमार, तुषार पांडे, अदिति सुधीर पोहनकर, अनुप्रिया गोयनका और सचिन श्रॉफ इत्यादि ने अपने किरदार में जान डाल दी है।
आश्रम अंधविश्वास, जाति वाद से सताए लोगों को अपने जद में लेता है। और फिर उनके जीवन का कायापलट हो जाता है।
आश्रम एक तरह से आसाराम और राम रहीम के तरह के बाबाओं के रूप में अपराधियों के मायाजाल का आईना है।
भक्त अक्सर मासूम और मूर्ख होते हैं। मूर्ख को सम्पूर्ण विनाश के बाद ही समझ आता है कि उसने गलत आदमी की भक्ति की। तब तक उसका सब कुछ लूट गया होता है। और उसकी जद में जो भी आता है, उसका भी सब कुछ बर्बाद होता है।
आश्रम में कैसे एक अपराधी अपने को सबका कल्याण करता हुआ बाबा काशीपुर वाला बनता है। कैसे वो मासूम पर अपना शिकंजा कसता है। कैसे औरतों और लड़कियों को नशा खिलाकर और भरम जाल में डालकर अपनी हवस का शिकार बनाता है। इसमें यह सब दिखाया गया है।
हर आसाराम और आश्रम कि एक झलक है इसमें !
जरूर देखें !
हिरणों और मोरों का,
कोई धर्म नहीं होता साहिब।
मैं धार्मिक नफरत का सौदागर हूँ,
मुझे इंसान में ही,
अपनी खेती दिखती है।
इंसानी खून को,
मैं सीढ़ी बनाकर
इतना ऊपर पहुंच जाता हूँ,
जहाँ न उनकी रुदन सुनाई देती है,
न उनका श्राप या संताप
कुछ बिगाड़ सकता है मेरा।
मेरे संबल हैं वो करोड़ो लोग,
जो उतने ही नफरती,
और जहरीले हैं।
लेकिन उनके यहाँ भी,
पालतू जानवरों से,
बहुत प्यार किया जाता है।
मेरी ऊर्जा और ऑक्सीजन,
के स्रोत हैं, शक्ति है, मुक्ति हैं।
मैं एक धर्मयुद्ध लड़ रहा हूं
मेरी नफरत ही मेरा नश्तर है!
5 अगस्त को राममंदिर का भव्य भूमि पूजन हुआ। नरेंद्र मोदी और सारे बड़े नेता वहाँ पहुंचे। देश भर में रामभक्तों ने उत्सव मनाया। सारे टीवी चैनल धार्मिक चैनल बन गए थे।इसी बीच कोरोना केस लगभग 20 लाख पार हुआ और देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या लगभग 42 हजार पार हो गई। रोज लगभग 50 हजार से ज्यादा केेेस आ रहे हैं।
क्यूं विचलित कर जाती हो,
जब एकाग्रचित्त हो,
मैं स्वप्न बुनता,
प्रेमपथिक बन जाने का,
या जग को सुखद बनाने का,
इस भँवर जाल में तुमको ढूंढता,
या फिर जग की तृष्णा को !
@अरुण भारती”चिंतित”