कोरोना कविता

कोरोना कविता
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अपार्टमेंट महँगा, बस्ती सस्ती,
बस इतनी सी कहानी है।

पैसे वाला एयरलिफ्ट होगा,
मजदूर को जान गंवानी है।

अमीर ने खाया दुर्लभ जीव
गरीब कीमत चुकायेगा,

महलें, अट्टारी रहे सुरक्षित
झोंपड़ी कोरोना पायेगा।

दुनिया ट्रिलियन डॉलर का है
टैंक, नुक्लेअर बम का है।

दवा दारु की किल्लत है
दुनिया ने अब जानी है!

—- Arun Bharti

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