एक कोने में संवरती तुम हो,एक कोने में निखरते हम हैं.
एक होने पे बिखरती तुम हो,एक होने पे बिखरते हम हैं.
जब तुम पास होती हो तो सनम साँस उफनती है.
जब तुम दूर होती तो सनम जान निकलती है.
जब जब हम बेहाल हुवे जब जब हम बेकल हुवे
तुम ही मेरा हलचल थी तुम ही मेरा पल पल थी.
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Copyright@ Arun Bharti