भीड़ में कुचल कुचल कर,
सैकड़ों लोग मरते रहेंगे।
कुंभ मेला के नाम पर,
नेता राजनीति करते रहेंगे।
हिंदुओ को बरगलाना है,
कुर्सी बार बार हथियाना है।
इस पल वो तुम्हे सांत्वना देंगें,
अगले ही पल उत्सव मनाएँगे।
हजारों किलोमीटर चलकर
मजदूर लोग मरते रहेंगें ।
मोदी योगी नए उत्सव की,
अपनी नौटंकी करते रहेंगे।
ट्रेन में एक्सीडेंट होता रहेगा,
एयरपोर्ट पर कैनोपी गिरती रहेगी,
हज़ार करोड़ का पुल गिरते रहेगा,
मैं और तुम ऐसे ही मरते रहेंगें ।
लेकिन तुम वोट इनको ही देना,
क्यूंकि हिंदू धर्म बचाना है,
गंदे गंगा में डुबकी लगाना है,
भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है।
साल का ₹2000 अकाउंट में आना है,
5 किलो राशन का थैला पाना है ।
: बिहारी चौपाल
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