राम मंदिर, राजनीति और मोदी

5 अगस्त को राममंदिर का भव्य भूमि पूजन हुआ। नरेंद्र मोदी और सारे बड़े नेता वहाँ पहुंचे। देश भर में रामभक्तों ने उत्सव मनाया। सारे टीवी चैनल धार्मिक चैनल बन गए थे।इसी बीच कोरोना केस लगभग 20 लाख पार हुआ और देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या लगभग 42 हजार पार हो गई। रोज लगभग 50 हजार से ज्यादा केेेस आ रहे हैं।

लेकिन प्रश्न है कि जनता फिर इतना आनंदित क्यूँ है ? इस त्यौहार में वो प्रवासी मजदूर भी शामिल हैं जिनकी जिंदगी तबाह हो गयी।
इन सबका उत्तर है धर्म और उसका नशा। आदमी को नशे की लत लग जाये तो सब दुःख सुख भुला कर उसे वही अच्छा लगता है। इसमें प्रचारक, प्रचार तंत्र का दोष है? बिल्कुल है !
यदि इतना ही भव्य हॉस्पिटल या यूनिवर्सिटी या रिसर्च लैब खुलता, तो क्या मीडिया इतना उत्सव मनाता, लोग इतना तवज्जो देते?आप मोदी और भाजपा को दोष देकर खुश हो सकते हैं। लेकिन असली जड़ जनता है। क्या वो इतना खुश होती ये सब देखकर ?
याद रखिये, जब दुनिया में लाखों लोग मर चुके हैं और मर रहे हैं तब मंदिर,मस्जिद,चर्च और गुरुद्वारे बन्द थे , हाथ ऊपर कर लिया था ईश्वर ने, अल्लाह ने।
इंसान के काम आते हैं यूनिवर्सिटी, अस्पताल, रिसर्च सेंटर इत्यादि। धार्मिक स्थल धर्म और डर के व्यापार के गढ़ हैं।
एक अनंत पॉवर में आस्था रखिये, जिसने ब्रह्मंड बनाया और चलायमान रखा है। यह तय है कि वो इन जगहों पर नहीं रहता। यहाँ तो हर तरह के सुकर्म और कुकर्म होते हैं।
और अंत में :
“बोलो, सियावर रामचंद्र कि जय”#RamMandir #RSS #BJP #Hinduism #Religion #Hindu #NarendraModi #Advani

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Website Powered by WordPress.com.

Up ↑