महाभारत और रामायण

महाभारत और रामायण
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महाभारत कम से कम 8 बार देख चुका हूँ। अभी फिर देख रहा हूँ। इतना जबरदस्त अभिनय, ऐसे शब्द, ऐसी कहानी। शायद ही इतना जबरदस्त कोई सीरियल हो इस दुनिया में। #GameOfThrones भी पश्चिमी देशों का महाभारत सा लगता है। वह भी अद्भुत है। लेकिन महाभारत में सुंदरता है, शालीनता है और शिक्षा है।

समय के माध्यम से महाभारत का सार बताया गया है। यदि किसी ने महाभारत नहीं पढ़ी है और वह केवल समय द्वारा कहे गए उस 2 से 3 मिनट के शब्दों को समेट कर रख ले तो वह कई महाकाव्यों का सार होगा।

महाभारत को मैं 70 बार देखूँ तब भी उतना ही ताजा लगेगा। ऐसा लगता है कि सारे चरित्रों को जीवित और जीवंत करने के लिऐ ही इन कलाकारों का जन्म हुआ हो। नीतीश भारद्वाज जैसा कृष्ण न होगा, फिरोज खान जैसा अर्जुन न होगा, मुकेश खन्ना जैसा भीष्म न होगा, पुनीत इस्सर जैसा दुर्योधन न होगा, पंकज धीर जैसा कर्ण न होगा, प्रवीण कुमार जैसा भीम न होगा, गिरिजा शंकर जैसा धृतराष्ट्र न होगा, सुरेंद्र पाल जैसा गुरु द्रोणाचार्य न होंगे और रूप गांगुली जैसी द्रौपदी न होगी।

धृतराष्ट्र और समय का अद्भुत किरदार है। गुफी पेंटल जैसा कोई शकुनि न होगा, न होंगे वैसे गुरु द्रोण, विदूर और ऐसे सैकड़ों कलाकार। महेंद्र कपूर की आवाज में महाभारत आपके मनः मस्तिष्क तक समा जाता है।

महाभारत कोई धर्म युद्ध नहीं है। वह छल प्रपंच और लोभ, मोह, अहंकार की कहानी है। सबने छल किया। और सारे छल का सूत्रधार कृष्ण लगे। एक तरफ कृष्ण हैं तो दूसरी तरफ शकुनि। महाभारत युद्ध में पांडवों ने कौरवों के लगभग सभी महायोद्धाओं को छल कपट से मारा। सबके मृत्यु के जिम्मेदार कृष्ण लगे। बिना छल के द्रोण, भीष्म, कर्ण और दुर्योधन का अंत असंभव था और पांडवों की जीत भी।

सब बातों का एक ही सार है कि युध्द में विजय ही प्रमुख है और इसके लिए रणभूमि में नियमित नियमों का उलंघन भी धर्मयुक्त कार्य है।

वत्स तुम कर्म करो, फल की चिंता मत करो। यही महाभारत का संदेश है !

रामायण मैंने कम देखी है। रामायण बहुत मेलोड्रामा से भरपूर है। रामायण संगीतमय है। इतना आदर्श है कि यकीन नहीं होता। लेकिन उसमें में भी अद्भुत कलाकार हैं। क्या डायलॉग बोलते हैं। क्या शब्द चयन है। एक से बढ़कर एक। अरुण गोविल जैसा कोई राम न होगा। अरविंद त्रिवेदी जैसा कोई रावण न होगा। मेघनाद, हनुमान, कुम्भकर्ण, लक्ष्मण, कैकयी, मंथरा। ऐसे अनेकों पात्र हैं जो ताउम्र मुझे याद रहेंगे।

आज के युग से यदि तुलना करें तो रामायण आशिकी और हम साथ साथ हैं जैसा म्यूजिकल हिट है तो महाभारत गैंग्स ऑफ वासेपुर जैसा एंगेजिंग है !

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