तुम झूठ बोलते हो
किससे?
मुझसे?
चलेगा,
लेकिन अपने आप से ?
फिर कैसे मुँह दिखाओगे
अपने आप को
अपनी आत्मा को
जब आईना देखोगे
जब नितांत अकेले होंगे
इंसान तब तक जिंदा है
जब तक वो खुद से
आँख मिला पाता है।
मरने से ठीक पहले
कुछ क्षण के लिये
तुम्हारा जीवन
घूमता है
तुम्हारे सामने
उस पल तुम
गर्व कर सको
अपने ऊपर
इसके लिए जियो
जग से झूठ बोलो
खुद से मत बोलो!
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