मैं तटस्थ हूँ
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लिख सकते हैं
तो लिखिए
बोल सकते हैं
तो बोलिये
प्रोटेस्ट कर सकते हैं
तो करिये
दिख सकते हैं
तो दिखिये
ये सब सिख सकते हैं
तो सीखिये।
मैं तटस्थ हूँ,
मेरा कोई पक्ष नहीं
मैं इस लफड़े में
नहीं पड़ता
यह मत कहिये।
तटस्थ कायर होता है,
मौकापरस्त होता है,
बिना रीढ़ का होता है,
नरसंहार का भागी होता है
इतिहास में पापी होता है।
तटस्थ होना
मिथ्या है, झूठ है।
जो कायर,
अपने आप से
बोलता है।
— Arun Bharti
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