घंटा विकास

घंटा विकास
————-
जय बोलो, जय बोलो गईया की जय बोलो
मत बोलो, मत बोलो, तो भईया टै बोलो !
गोबर खाओ, गौमूत्र पियो और मदिरा का पान करो !
मुल्ला मारो, भगवा पहनो, हिन्दू का सम्मान करो !
दो टके की बुद्धि लेकर कुर्सी पर चढ़ जाओ !
कुटम-कूट मचा के भैया संसद की गरिमा बढ़ाओ !
गाली देना धरम है भैया, खून पीना रीत है !
अपना तो चांदी-सोना, ससुरी जनता भयभीत है !
शहर है गन्दा, गावं है गन्दा, सफाई का बजट तुम्हारा है
बच्ची जमुनिया कचरा बीने,पढ़ो-बढ़ो का नारा है !
गाय हो खाते ,भैंस हो खाते हिन्दू-मुस्लिम का नारा
छोड़ दे मुल्ला, देश हमारा, हमरे बाबूजी को प्यारा !
पलटू लोग की चांदी है, अब हर खेत चुगने जाते हैं
भारतमाता को लूट के ससुरे, गज़ब डकार लगाते हैं !
घंटा बजाओ देश बढ़ेगा, हम्मर 56 इंच का सीना है !
बने रहो बकलोल, की भैया ताऊ बड़ा कमीना है !
झूठ बोल कर देश बढ़ाये, दुनिया भर की सैर करे
कालाधन तड़ीपार हो गया,नया सवेरा खैर करे !
मोटा भाई, दाढ़ी भाई दोनों मुल्ला के पीछे हैं
प्राची,ज्योति,साक्षी, महेश के डोर ठीक से खिच्चें हैं !
गज़ब कर रहा देस बिकास , अँखियाँ चोन्हराये दिन में !
भकोल कबिया बइठल बथानी में, कहे कबिता खिन्न में !
Copyright@Arun Bharti

Leave a comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Website Powered by WordPress.com.

Up ↑