वो मुझे कसम देती हैं सच बोलने की
और खुद ही वक़्त पे बिखर जाती हैं.
ना भूलेंगे ये वादा देती हैं.
अगले ही पल मुकर जाती हैं.
सजदा करू मैं उनका ये आस रखती हैं.
बेवफा होकर भी मुझसे प्रेम का विश्वास रखती हैं.
नशे की हालत में समझ बैठी हैं.
कोई भी करवट मोड़ दे इतनी वो ऐठी हैं.
सनम तुम्हे बेवफा कहें,बेअकल कहें या कहें बदतमीज़.
इम्तिहान लेती रहो देंगे वफ़ा का,तुम हो ही अज़ीज़.
har diljalle ka yahi haal hai bhartiji . nicely expressed .
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